सूदखोरी

मलकेड़ा गांव में फरवरी में दंपत्ती ने फंदे पर लटकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या का कारण सूदखोरी से परेशानी माना गया। दंपत्ती की ओर से छोड़े गए सुसाइड नोट में इसकी जानकारी दी गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने दंपत्ती के बेटे की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया था। उद्योग नगर थानाधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि सीकर में नवलगढ़ रोड निवासी रमेश स्वामी (48) और उसकी पत्नी सम्पति देवी पिछले पांच वर्ष से मलकेड़ा गांव में किसी के मकान में किराए पर रह रहे थे। एक दिन पड़ोसियों ने देखा कि सुबह से अभी तक कोई बाहर नहीं निकला है तो उन्हें शक हुआ। बाद में मकान में झांककर देखा तो एक कमरे में रमेश का और दूसरे कमरे में उसकी पत्नी संपत्ति का शव झूलता पाया गया। इस पर पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने शवों को यहां कल्याण अस्पताल पहुंचाया। बेटे के आने पर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।




एक ही रस्सी के पति-पत्नी ने किए हिस्से

मलकेड़ा में रमेश व उसकी पत्नी संपति ने फंदे पर लटकने के लिए एक ही रस्सी के दो टुकड़े कर आपस में बांट लिए। पुलिस का मानना है कि सूत की यह रस्सी हाल ही नई खरीदी गई थी।

पंक्चर निकालने की दुकान से चलता था परिवार

रमेश के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। मलकेड़ा गांव के मुख्य स्टैंड पर टायर के पंक्चर निकालने की दुकान से ही वह अपनी आजीविका चला रहा था। उसकी पत्नी घर में ब्यूटी पार्लर का काम भी करती थी। लोगों ने बताया कि उसका बेटा पांच दिन पहले ही कमाने के लिए कहीं गया था। माता-पिता की मौत होने पर उसे वापस बुलाया गया।


सूद के चुकाए 40 लाख

पुलिस को मौके पर सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कुछ लोगों के नाम के साथ लेन-देन का हिसाब भी लिखा गया है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में मूल रकम से ज्यादा 40 लाख रुपए तक सूद के देने की बात लिखी गई है। सूद का काम करने वालों ने रमेश स्वामी का सीकर में स्थित प्लाट भी अपने नाम करवा लिया था। एेसी परिस्थितियों में पांच वर्ष पहले सीकर में नवलगढ़ रोड पर स्थित मकान भी बेचना पड़ा था। रमेश के बेटे ने अज्ञात लोगों के खिलाफ सूद के लिए उसके माता-पिता को प्रताडि़त कर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज करवाया था।

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