आपसदारी2

इतना गुमान ना कर अपनी किस्मत पर ए दोस्त
तेरा तो वक़्त आया है, मेरा पूरा दौर आएगा |

हम तो डूबे थे गर्दिश ए शब के अँधेरे में
तुझे भी ए चाँद किसकी नज़र लग गयी

दामन में मेरे गमों और जिल्लतों का खजाना है
पर चाँद तू क्यों उदास उदास नज़र आता है

माना आज चाँदनी तू अपने शबाब पर है
पर हमने भी अपना रुबाब कब खोया है

माना शपथ करते हैं लोग तेरी वफादारी की
मगर हमने भी बेवफ़ाई कब किसी से की है
बजरंग लाल सैनी गुरु

Comments