पहचान

पहचान

मैं कौन हूँ,
जानता नहीं,
बताए कोई तो,
मानता नहीं,
मुझे लगता है कि
मुझसे ज्यादा मुझे
मेरे घर के छज्जे पर
बैठी चिड़ीया जानती है।
मै उसे दाना डालता हूँ,
वो मुझे अपना मानती हैं।

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